Bitcoin Tether USDT BNB
पहला क्रिप्टो डेमो ट्रेड कैसे करें: लॉन्ग-शॉर्ट से स्टॉप लॉस तक
रिस्क मैनेजमेंट 10 मिनट में पढ़ें

प्रकाशित

पहला क्रिप्टो डेमो ट्रेड कैसे करें: लॉन्ग-शॉर्ट से स्टॉप लॉस तक

$10,000 के वर्चुअल बैलेंस पर एक ट्रेड खोलिए, सुरक्षित कीजिए और क्लोज़ कीजिए — टर्मिनल खोलकर साथ-साथ चलने वाली गाइड।

Fundex24 कंटेंट टीम
Fundex24 कंटेंट टीम रिसर्च और एजुकेशन

स्टेप-बाय-स्टेप · BTC/USDT

पहला डेमो ट्रेड कैसे करें, यह पढ़ने से ज़्यादा करके समझ आता है, इसलिए यह गाइड टर्मिनल खोलकर साथ-साथ चलने के लिए लिखी गई है। आखिर तक आप Fundex24 के प्रैक्टिस टर्मिनल में BTC/USDT पर एक पोज़िशन खोल चुके होंगे, उसे स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट से सुरक्षित कर चुके होंगे और सोच-समझकर क्लोज़ भी कर चुके होंगे। बीच में लॉन्ग-शॉर्ट, ऑर्डर टाइप, लीवरेज और साइज़ का पूरा हिसाब आसान भाषा में मिलेगा।

डेमो ट्रेड कैसे करें: बटन दबाने से पहले की तैयारी

पहले ट्रेड की तैयारी में बस दो मिनट लगते हैं: प्रैक्टिस टर्मिनल खुला हो, और आपके पास एक लाइन का प्लान हो। टर्मिनल अभी तक नहीं खुला है, तो फ्री प्रैक्टिस अकाउंट बनाइए, फोन नंबर वेरिफाई कीजिए, साइडबार से अकाउंट्स पेज खोलिए और कार्ड पर “प्रैक्टिस शुरू करें” दबाइए।

टर्मिनल अपने आप BTC/USDT पर खुलता है, और पहले ट्रेड के लिए यही सबसे अच्छा पेयर है। इसमें लिक्विडिटी भरपूर रहती है और हलचल मीम कॉइन जितनी बेकाबू नहीं होती। प्रैक्टिस अकाउंट क्या है और उसमें कितने रीसेट हैं, यह सब क्रिप्टो डेमो अकाउंट की पूरी जानकारी वाले लेख में है।

अब कागज़ या नोट्स ऐप में यह लाइन भरिए: “मैं ___ दिशा में जा रहा हूँ, क्योंकि ___; गलत साबित हुआ तो ___ पर निकलूँगा।” यह छोटी सी आदत पहले ही ट्रेड से डाल ली, तो बाकी सारे स्टेप अपने आप सही क्रम में आते हैं।

लॉन्ग और शॉर्ट का मतलब क्या है?

लॉन्ग का मतलब है कीमत बढ़ने पर कमाई, और शॉर्ट का मतलब है कीमत गिरने पर कमाई। फ्यूचर्स स्टाइल ट्रेडिंग में दोनों दिशाएँ बराबर हैं, और Fundex24 के प्रैक्टिस टर्मिनल में भी ऑर्डर पैनल पर “लॉन्ग करें” और “शॉर्ट करें” दोनों विकल्प साथ-साथ मिलते हैं।

  • लॉन्ग का उदाहरण: आपको लगता है BTC ऊपर जाएगा, आपने लॉन्ग लिया, कीमत 2% बढ़ी तो पोज़िशन की वैल्यू पर करीब 2% प्रॉफिट।
  • शॉर्ट का उदाहरण: आपको लगता है BTC नीचे आएगा, आपने शॉर्ट लिया, कीमत 2% गिरी तो वही करीब 2% प्रॉफिट।

यहाँ आप कॉइन खरीदकर होल्ड नहीं करते, इसलिए शॉर्ट करने के लिए पहले से BTC होना ज़रूरी नहीं। नए लोग अक्सर सिर्फ लॉन्ग करते हैं, क्योंकि “नीचे से खरीदो” वाली सोच दिमाग में बैठी होती है; डेमो में दोनों दिशाएँ आज़माना ही समझदारी है।

मार्केट, लिमिट और स्टॉप एंट्री में क्या फर्क है?

मार्केट ऑर्डर अभी की कीमत पर तुरंत भर जाता है, जबकि लिमिट और स्टॉप एंट्री आपकी तय कीमत आने तक पेंडिंग रहते हैं। कौन-सा चुनें, यह इस पर निर्भर है कि आप अभी घुसना चाहते हैं या अपने लेवल का इंतज़ार करना।

  • मार्केट: तुरंत एंट्री। पहला ट्रेड इसी से कीजिए, ताकि पोज़िशन खुलना, P&L चलना और क्लोज़ होना एक बार आँखों से देख लें।
  • लिमिट: बेहतर कीमत का इंतज़ार। लॉन्ग के लिए मौजूदा कीमत से नीचे, शॉर्ट के लिए ऊपर लगाया जाता है, जैसे किसी सपोर्ट पर पुलबैक का इंतज़ार।
  • स्टॉप एंट्री: ब्रेकआउट की पुष्टि। लॉन्ग के लिए मौजूदा कीमत से ऊपर लगती है, यानी कीमत आपका लेवल तोड़े तभी पोज़िशन खुले।

लिमिट या स्टॉप एंट्री लगाना छह प्रैक्टिस माइलस्टोन में से एक है। इसलिए पहला ट्रेड मार्केट से करने के बाद अगला ट्रेड किसी पेंडिंग ऑर्डर से कीजिए, और देखिए कि ट्रिगर होने से पहले वह ऑर्डर लिस्ट में कैसे दिखता है।

लीवरेज और आइसोलेटेड मार्जिन से असल में क्या बदलता है?

लीवरेज सिर्फ यह तय करता है कि पोज़िशन खोलने के लिए कितना मार्जिन लॉक होगा; स्टॉप हिट होने पर नुकसान कितना होगा, यह पोज़िशन साइज़ और स्टॉप की दूरी से तय होता है। यह एक बात समझ ली, तो लीवरेज का डर और लालच दोनों कम हो जाते हैं।

Fundex24 के प्रैक्टिस अकाउंट में लीवरेज 1:10 तक है, और मार्जिन आइसोलेटेड रहता है। आइसोलेटेड का मतलब है कि हर पोज़िशन का मार्जिन अलग खाने में रहता है, तो एक पोज़िशन की गड़बड़ बाकी बैलेंस को सीधे अपने साथ नहीं खींचती।

मान लीजिए $5,000 की पोज़िशन है। 1:5 पर $1,000 मार्जिन लॉक होगा, 1:10 पर $500। अगर स्टॉप एंट्री से 2% दूर है, तो दोनों हालात में स्टॉप पर नुकसान $100 ही रहेगा। फर्क इतना है कि ज़्यादा लीवरेज पर लिक्विडेशन प्राइस एंट्री के ज़्यादा करीब आ जाता है, इसलिए शुरुआत में कम लीवरेज ही रखिए।

पहले डेमो ट्रेड में पोज़िशन साइज़ कैसे निकालें?

साइज़ हमेशा रिस्क से निकालिए, बैलेंस या मूड से नहीं। फॉर्मूला छोटा है: पोज़िशन साइज़ = रिस्क की रकम ÷ स्टॉप की दूरी (प्रतिशत में)।

$10,000 के वर्चुअल बैलेंस पर पूरा हिसाब देखिए। आपने तय किया कि एक ट्रेड पर 1% रिस्क लेंगे, यानी $100। चार्ट देखकर स्टॉप एंट्री से 2% दूर रखा। तो $100 ÷ 2% = $5,000 की पोज़िशन बनेगी, और 1:5 लीवरेज पर इसके लिए $1,000 मार्जिन लगेगा।

$10,000 वर्चुअल बैलेंस पर 1% रिस्क, 2% स्टॉप दूरी, $5,000 पोज़िशन और 1:5 लीवरेज पर $1,000 मार्जिन का पूरा हिसाब
साइज़ पहले, लीवरेज बाद में: 1:10 चुनने पर सिर्फ मार्जिन आधा होता है, स्टॉप पर नुकसान वही $100 रहता है।

अगर स्टॉप 4% दूर रखना पड़े, तो साइज़ घटकर $2,500 हो जाएगा, और रिस्क फिर भी $100 रहेगा। स्टॉप चौड़ा, साइज़ छोटा; स्टॉप तंग, साइज़ बड़ा — यही बैलेंस पूरी रिस्क मैनेजमेंट की नींव है।

टर्मिनल के कैलकुलेटर में “रिस्क के हिसाब से” वाला विकल्प भी यही गणित करता है, पर पहली बार हाथ से हिसाब लगाइए। जब आँकड़े खुद निकालेंगे, तभी भरोसा होगा कि स्क्रीन पर दिख रहा साइज़ सही है। ज़्यादा गहराई में जाना हो, तो हर ट्रेड पर कितना रिस्क लें वाला लेख भी पढ़िए।

स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट कब और कहाँ लगाएँ?

स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट एंट्री से पहले या एंट्री के तुरंत बाद लगा दीजिए, जब दिमाग अभी ठंडा है। स्टॉप वहाँ रखिए जहाँ आपका आइडिया गलत साबित हो जाए, और टारगेट वहाँ जहाँ रिस्क से कम से कम दोगुना मिलने की उम्मीद हो।

ऊपर वाले उदाहरण में लॉन्ग एंट्री के 2% नीचे स्टॉप है, यानी $100 का रिस्क। टेक प्रॉफिट एंट्री के 4% ऊपर रखें, तो $5,000 की पोज़िशन पर टारगेट करीब $200 का होगा। इसे 1:2 का रिस्क-रिवॉर्ड कहते हैं: दस में से चार ट्रेड भी ऐसे सही निकलें, तो हिसाब नुकसान में नहीं जाता।

कॉन्सेप्ट कैंडलस्टिक चार्ट जिसमें लॉन्ग एंट्री लेवल, उसके 2% नीचे स्टॉप लॉस और 4% ऊपर टेक प्रॉफिट की लाइनें दिखाई गई हैं
यह किसी असली कॉइन का चार्ट नहीं, सिर्फ समझाने वाली तस्वीर है: स्टॉप कंसोलिडेशन के नीचे, टारगेट पिछली ऊँचाई के पास।

टर्मिनल में ये दोनों ऑर्डर पैनल पर स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट के नाम से मिलते हैं, और पोज़िशन खुलने के बाद “TP/SL एडिट करें” से भी बदले जा सकते हैं। दोनों लगाना अलग-अलग प्रैक्टिस माइलस्टोन हैं। स्टॉप लॉस लगाना प्लेटफ़ॉर्म पर ऑप्शनल है, पर हर ट्रेड पर लगाने की आदत डालिए।

सबसे आम गलती: कीमत स्टॉप की तरफ बढ़ती है और हाथ अपने आप स्टॉप को थोड़ा और दूर खिसका देता है। डेमो में यह गलती सस्ती है, इसलिए यहीं खुद से वादा कीजिए कि स्टॉप सिर्फ प्रॉफिट की दिशा में खिसकेगा।

बैलेंस, इक्विटी और फ्लोटिंग P&L देखकर ट्रेड कैसे क्लोज़ करें?

बैलेंस तब बदलता है जब ट्रेड क्लोज़ होता है, जबकि इक्विटी हर पल की असली तस्वीर है: बैलेंस में खुली पोज़िशन का फ्लोटिंग P&L जोड़ दीजिए। पोज़िशन खुली रहने तक इक्विटी पर नज़र रखिए, बैलेंस पर नहीं।

उदाहरण: $5,000 की लॉन्ग पोज़िशन पर कीमत 1% नीचे गई, तो फ्लोटिंग P&L लगभग −$50 दिखेगा। बैलेंस अब भी $10,000 है, पर इक्विटी करीब $9,950। कीमत वापस ऊपर जाए, तो यह घाटा मिट भी सकता है, क्योंकि ट्रेड अभी रियलाइज़ नहीं हुआ।

ट्रेड तीन तरह से बंद होगा: टेक प्रॉफिट हिट हो, स्टॉप लॉस हिट हो, या आप खुद पोज़िशन के पास “पोज़िशन क्लोज़ करें” दबाएँ। खुद क्लोज़ करना तभी ठीक है जब आपके प्लान वाली वजह खत्म हो गई हो, सिर्फ घबराहट में नहीं। पहला ट्रेड क्लोज़ होते ही प्रैक्टिस कार्ड पर पहला माइलस्टोन पूरा दिखेगा।

यहाँ से शुरू करें

चैलेंज चुनें और ट्रेडिंग शुरू करें

दो स्टेज का इवैल्यूएशन, साफ नियम और 80% तक प्रॉफिट स्प्लिट।

कौन-सा साइज़ सही रहेगा, तय नहीं कर पा रहे? नियम पढ़ें · आम सवाल

अगले नौ ट्रेड के लिए छोटी चेकलिस्ट

दस ट्रेड पूरे करना भी एक माइलस्टोन है, पर गिनती पूरी करने के लिए जल्दबाज़ी मत कीजिए। हर अगले ट्रेड से पहले यह चेकलिस्ट दोहराइए:

  1. एक लाइन का प्लान लिखा: दिशा, वजह, बाहर निकलने का लेवल।
  2. रिस्क तय: हर ट्रेड पर बैलेंस का 1% या उससे कम।
  3. साइज़ हाथ से निकाला: रिस्क ÷ स्टॉप की दूरी।
  4. लीवरेज कम रखा, सिर्फ इतना कि मार्जिन आराम से बचे।
  5. एंट्री के साथ ही स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट लगाए।
  6. क्लोज़ होने के बाद नतीजा और “प्लान माना या नहीं” नोट किया।

ये दस ट्रेड तीन दिन के रन में कैसे बाँटें, इसका दिन-ब-दिन रूटीन 3 दिन के प्रैक्टिस प्लान में है। टर्मिनल अभी खुला है, तो BTC/USDT प्रैक्टिस टर्मिनल पर ऊपर वाला हिसाब लगाकर दूसरा ट्रेड किसी लिमिट ऑर्डर से कीजिए।

ये आदतें पक्की हो जाएँ और आगे का रास्ता देखना हो, तो Fundex24 पर $29 से शुरू होने वाला पेड चैलेंज है, जो पास करने पर 80% प्रॉफिट स्प्लिट वाला फंडेड अकाउंट देता है। इस मॉडल को प्रॉप ट्रेडिंग कहते हैं, और प्रॉप ट्रेडिंग कैसे काम करती है, यह हिंदी गाइड में विस्तार से है।

ध्यान रहे, लीवरेज वाली क्रिप्टो ट्रेडिंग जोखिम भरी है, और प्रैक्टिस में मिले अच्छे नतीजे असली ट्रेडिंग के नतीजों की भविष्यवाणी नहीं करते।

पहले डेमो ट्रेड पर आम सवाल

पहला डेमो ट्रेड लॉन्ग करूँ या शॉर्ट?

दिशा से ज़्यादा ज़रूरी प्रोसेस है। जो दिशा चार्ट पर साफ दिखे वही लीजिए, और अगले किसी ट्रेड में दूसरी दिशा भी आज़माइए ताकि दोनों के बटन और P&L का व्यवहार समझ आ जाए।

डेमो में 1:10 लीवरेज लेना ठीक है क्या?

लिया जा सकता है, पर इससे नुकसान कम नहीं होता, सिर्फ लॉक होने वाला मार्जिन घटता है। शुरुआती ट्रेडर के लिए 1:2 से 1:5 के बीच रहना और साइज़ रिस्क से तय करना बेहतर आदत है।

स्टॉप लॉस हिट हो गया, अब क्या करूँ?

कुछ मिनट रुकिए और नोट कीजिए कि स्टॉप प्लान के मुताबिक हिट हुआ या एंट्री ही जल्दबाज़ी में थी। नुकसान तय रकम के अंदर रहा, तो ट्रेड गलत भले हो, प्रोसेस सही था।

हमसे पूछें

Fundex24 चैलेंज के बारे में कोई सवाल है?

सपोर्ट चैट खोलें और पूछें — टीम वहीं जवाब देती है।

सपोर्ट से चैट करें

पहले पढ़ना चाहते हैं? FAQ पेज देखें · चैलेंज की तुलना करें

अगला कदम

सीखने का सफ़र जारी रखें

इस आर्टिकल के बाद अगला काम का कदम या अगला टॉपिक चुनें।